सावधान रहिए, सतर्क रहिए, चौकन्ने रहिए
रायपुर से महेंद्र नामदेव की रिपोर्ट
राजधानी रायपुर के माना क्षेत्र स्थित नकटी गांव में प्रस्तावित विधायक कॉलोनी के निर्माण के लिए प्रशासन ने बड़ी बुलडोजर कार्रवाई की। इस दौरान 80 से अधिक मकानों को हटाया गया, जिनमें प्रधानमंत्री और इंदिरा आवास योजना के तहत बने कई घर भी शामिल बताए जा रहे हैं। कार्रवाई के दौरान भारी पुलिस बल तैनात रहा, जबकि ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए प्रशासन के खिलाफ जमकर नाराजगी जताई।

सोमवार सुबह जेसीबी मशीनें जैसे ही गांव पहुंचीं, ग्रामीण अपने घरों के सामने खड़े होकर विरोध करने लगे। इस दौरान पुलिस और ग्रामीणों के बीच धक्का-मुक्की भी हुई। कई परिवारों ने अपने घरों का सामान बचाने की कोशिश की, वहीं महिलाएं और बुजुर्ग भावुक नजर आए। प्रभावित लोगों का कहना है कि उन्होंने वर्षों की मेहनत से अपने घर बनाए थे और अब अचानक उन्हें बेघर होना पड़ रहा है। कई लोगों ने दावा किया कि उनके मकान सरकारी योजनाओं के तहत बने थे।

प्रशासन का कहना है कि संबंधित भूमि सरकारी है और वहां विधायक कॉलोनी का निर्माण प्रस्तावित है। अधिकारियों के अनुसार यह कार्रवाई सरकारी भूमि से अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया के तहत की गई है। जिला प्रशासन ने दावा किया है कि 75 प्रभावित परिवारों के पुनर्वास की व्यवस्था नवा रायपुर के सेक्टर-30 स्थित ईडब्ल्यूएस आवासों में की जा चुकी है और आवंटन की प्रक्रिया भी जारी है।

इस कार्रवाई को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने सरकार पर गरीबों के घर उजाड़ने का आरोप लगाया है। वहीं स्थानीय विधायक अनुज शर्मा ने कहा कि केवल सरकारी भूमि पर बने अवैध निर्माण हटाए गए हैं और सभी प्रभावित परिवारों के पुनर्वास की व्यवस्था पहले ही सुनिश्चित कर दी गई है। अब इस पूरे मामले में लोगों की नजर प्रशासन द्वारा किए जा रहे पुनर्वास और आगे की कार्रवाई पर टिकी हुई है।




