सावधान रहिए, सतर्क रहिए, चौकन्ने रहिए
रायपुर से महेंद्र नामदेव की रिपोर्ट
यूपीआई से भुगतान करने वाले ग्राहकों के लिए राहत की खबर है। सरकार की ओर से प्रस्तावित बदलाव के तहत आम उपभोक्ताओं से कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा। हालांकि, बड़े यूपीआई ट्रांजैक्शन स्वीकार करने वाले व्यापारियों को भविष्य में एक तय सीमा के बाद मामूली शुल्क देना पड़ सकता है।
लोकसभा में वित्त मंत्रालय ने टैक्स संबंधी नियमों में संशोधन के लिए एक विधेयक पेश किया है। इसमें पेमेंट एंड सेटलमेंट सिस्टम एक्ट, 2007** में बदलाव का प्रस्ताव रखा गया है। इस संशोधन के बाद UPI और RuPay कार्ड से होने वाले भुगतान पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR)** लागू करने का रास्ता साफ हो सकता है।
फिलहाल UPI भुगतान पर किसी भी पक्ष से कोई शुल्क नहीं लिया जाता। लेकिन प्रस्तावित व्यवस्था के तहत 2,000 रुपये से अधिक के UPI भुगतान पर व्यापारियों से **0.2% से 0.3%** तक MDR लिया जा सकता है। वित्त मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, इस बदलाव का असर ग्राहकों पर नहीं पड़ेगा। यदि कोई उपभोक्ता UPI के जरिए 3,000 रुपये का भुगतान करता है, तो उसे सिर्फ 3,000 रुपये ही चुकाने होंगे। अतिरिक्त शुल्क ग्राहक से नहीं, बल्कि निर्धारित नियमों के अनुसार व्यापारी से लिया जाएगा।




