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रायपुर से महेंद्र नामदेव की रिपोर्ट
छत्तीसगढ़ की लोककला और संस्कृति को विश्वभर में नई पहचान दिलाने वाली पद्म विभूषण सम्मानित पंडवानी गायिका तीजन बाई का रायपुर में निधन हो गया। उन्होंने रविवार तड़के रायपुर के एम्स में अंतिम सांस ली। वे लंबे समय से अस्वस्थ थीं। उनके निधन से कला और संस्कृति जगत में शोक की लहर है।

तीजन बाई ने पंडवानी लोककला को गांवों से निकालकर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों तक पहुंचाया। उन्होंने पुरुष प्रधान कापालिक शैली में प्रस्तुति देकर एक नई मिसाल कायम की और छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान को दुनिया भर में स्थापित किया। कला के क्षेत्र में उनके अतुलनीय योगदान के लिए उन्हें पद्मश्री, पद्म भूषण और पद्म विभूषण सहित अनेक प्रतिष्ठित सम्मानों से सम्मानित किया गया था।

तीजन बाई के निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय समेत देशभर के नेताओं, कलाकारों और साहित्यकारों ने गहरा शोक व्यक्त किया है। उनके निधन को भारतीय लोककला जगत की अपूरणीय क्षति बताया जा रहा है।





