साय कैबिनेट के बड़े फैसले! ग्रामीणों को 125 दिन रोजगार की गारंटी, ‘अटल आजीविका समृद्धि हाट’ और नई बायोगैस नीति को मंजूरी

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रायपुर से महेंद्र नामदेव की रिपोर्ट

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित कैबिनेट बैठक में कई अहम फैसलों पर मुहर लगी। मंत्रिपरिषद ने “विकसित भारत-रोजगार और आजीविका के लिये गारंटी मिशन (ग्रामीण) : वीबी-जी राम जी योजना” को मंजूरी दी है। इस योजना के तहत पात्र ग्रामीण परिवारों के वयस्क सदस्यों को हर वित्तीय वर्ष में 125 दिनों के अकुशल श्रम आधारित रोजगार की वैधानिक गारंटी** मिलेगी। योजना के माध्यम से जल संरक्षण, प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन, ग्रामीण अधोसंरचना विकास और आजीविका के नए अवसर सृजित किए जाएंगे। इसके लिए केंद्र और राज्य सरकार 60:40 के अनुपात में राशि खर्च करेंगे तथा वर्ष 2026-27 के बजट में 4 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

कैबिनेट ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के लिए अटल आजीविका समृद्धि हाट” योजना को भी मंजूरी दी है। इसके तहत ग्रामीण क्षेत्रों में हथकरघा, सिलाई-बुनाई, हस्तशिल्प, खाद्य प्रसंस्करण, डेयरी, राइस मिल, कोल्ड स्टोरेज, सोलर ड्रायर, कृषि उपकरण मरम्मत और डिजिटल सेवा केंद्र जैसे आधुनिक सुविधाओं का विकास किया जाएगा। योजना का उद्देश्य स्थानीय उत्पादन, प्रसंस्करण और विपणन को बढ़ावा देकर गांवों में रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराना है। इस योजना का संचालन छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के माध्यम से किया जाएगा।

मंत्रिपरिषद ने “छत्तीसगढ़ कम्प्रेस्ड बायोगैस नीति-2026″** के प्रारूप को भी मंजूरी दी है। इस नीति के तहत कृषि अवशेष, नगरीय ठोस कचरे, पशुधन अपशिष्ट और अन्य जैविक संसाधनों से स्वच्छ ईंधन कम्प्रेस्ड बायोगैस का उत्पादन किया जाएगा। सरकार का मानना है कि इससे अपशिष्ट प्रबंधन बेहतर होगा, पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा, ग्रीनहाउस गैसों का उत्सर्जन घटेगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा मिलेगी।

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