सावधान रहिए, सतर्क रहिए, चौकन्ने रहिए
रायपुर से महेंद्र नामदेव की रिपोर्ट
धमतरी जिले में निर्माणाधीन मेघा महानदी पुल पर बड़ा हादसा हो गया। दो हैवी क्रेन की मदद से चढ़ाया जा रहा करीब 10 से 12 टन वजनी गर्डर अचानक गिरकर कई टुकड़ों में टूट गया। राहत की बात यह रही कि हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन करोड़ों रुपये की इस परियोजना की गुणवत्ता और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं।
महासमुंद, गरियाबंद, रायपुर, धमतरी और ओडिशा को जोड़ने वाले इस पुल की लागत करीब 46 करोड़ 97 लाख रुपये है। हादसे के बाद निर्माण कार्य की निगरानी और तकनीकी मानकों को लेकर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि हादसे के समय तकनीकी अधिकारी मौके पर मौजूद नहीं थे, जिससे निर्माण कार्य में लापरवाही की आशंका जताई जा रही है।

जिला पंचायत सदस्य नीलम चंद्राकर ने निर्माण एजेंसी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि क्षतिग्रस्त गर्डर के मलबे को मशीनों से दबाकर मिटाने की कोशिश की गई। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष तकनीकी जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। वहीं क्षेत्रवासियों का कहना है कि भविष्य में हजारों वाहनों का भार उठाने वाले इस पुल के निर्माण में किसी भी तरह की लापरवाही लोगों की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बन सकती है।




