रावतपुरा सरकार विश्वविद्यालय के खिलाफ छात्रों ने खोला मोर्चा, डिग्री की मान्यता को लेकर धोखाधड़ी का आरोप

सावधान रहिए, सतर्क रहिए, चौकन्ने रहिए

रायपुर से महेंद्र नामदेव की रिपोर्ट 

रायपुर। श्री रावतपुरा सरकार विश्वविद्यालय के बी ऑप्टोमेट्री, बैच 2020-24 के छात्र-छात्राओं ने विश्वविद्यालय प्रबंधन पर धोखाधड़ी और आर्थिक शोषण का आरोप लगाते हुए मुजगहन थाने में शिकायत सौंपी है। रायपुर जिला एनएसयूआई अध्यक्ष प्रशांत गोस्वामी के नेतृत्व में पहुंचे छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रबंधन के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर निष्पक्ष जांच की मांग की।

छात्रों का आरोप है कि प्रवेश के समय बी ऑप्टोमेट्री पाठ्यक्रम को छत्तीसगढ़ पैरामेडिकल काउंसिल से मान्यता प्राप्त और रजिस्ट्रेशन योग्य बताया गया था। इसी भरोसे पर छात्रों ने दाखिला लिया और चार साल के पाठ्यक्रम में करीब 6 लाख रुपये तक फीस जमा की। लेकिन पढ़ाई पूरी होने के बाद नौकरी के लिए आवेदन करने पर उन्हें कथित तौर पर पता चला कि उनकी डिग्री को मान्यता प्राप्त नहीं माना जा रहा और संबंधित काउंसिल से रजिस्ट्रेशन भी नहीं मिल रहा है।

एनएसयूआई जिला अध्यक्ष प्रशांत गोस्वामी के मुताबिक विश्वविद्यालय से बी ऑप्टोमेट्री के पांच बैच पासआउट हो चुके हैं, जिनमें 500 से अधिक छात्र-छात्राएं शामिल हैं, जबकि छठवां बैच भी पासआउट होने की कगार पर है। छात्रों का कहना है कि मान्यता को लेकर सवाल करने पर विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से प्रक्रिया जल्द पूरी होने का आश्वासन दिया जाता रहा, लेकिन अब तक समस्या का समाधान नहीं हुआ।

 

छात्रों और एनएसयूआई ने विश्वविद्यालय प्रबंधन के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि 15 दिनों के भीतर कार्रवाई नहीं हुई तो हजारों छात्रों के साथ स्वास्थ्य मंत्री के निवास का घेराव कर बड़े स्तर पर आंदोलन किया जाएगा। **हालांकि, इन आरोपों पर विश्वविद्यालय प्रबंधन का पक्ष सामने आना अभी बाकी है।**

 

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