सावधान रहिए, सतर्क रहिए, चौकन्ने रहिए
रायपुर से महेंद्र नामदेव की रिपोर्ट
छत्तीसगढ़ में फर्जी निकाह और पहचान छिपाकर शादी कराने के मामलों पर रोक लगाने के लिए छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड ने नए नियम लागू किए हैं। अब गैर-मुस्लिम से निकाह करने से पहले वक्फ बोर्ड में रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य होगा। साथ ही बिना अनुमति निकाह पढ़ाने वाले मौलानाओं के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सलीम राज ने बताया कि नई व्यवस्था के तहत केवल वक्फ बोर्ड से रजिस्टर्ड मौलाना ही निकाह करा सकेंगे। यदि कोई मुस्लिम युवक या युवती किसी गैर-मुस्लिम से निकाह करना चाहता है, तो पहले वक्फ बोर्ड में रजिस्ट्रेशन कराना होगा। इसके लिए दोनों पक्षों की सहमति, आवश्यक दस्तावेज और कानूनी प्रक्रिया पूरी करना अनिवार्य रहेगा।
डॉ. सलीम राज ने कहा कि बिना अनुमति निकाह पढ़ाने वाले मौलानाओं के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा प्रदेशभर में निकाह कराने वाले सभी मौलानाओं का पंजीकरण किया जाएगा। निकाह के बाद जारी होने वाला प्रमाणपत्र भी वक्फ बोर्ड के माध्यम से जारी किया जाएगा और प्रत्येक निकाह का रिकॉर्ड बोर्ड के पास सुरक्षित रखा जाएगा।
वक्फ बोर्ड का कहना है कि इस नई व्यवस्था से फर्जी पहचान, दस्तावेज छिपाकर विवाह कराने और विवादित मामलों पर प्रभावी निगरानी रखी जा सकेगी। बोर्ड के अनुसार आदिवासी क्षेत्रों से महिलाओं को बहला-फुसलाकर विवाह करने और संपत्ति विवाद से जुड़े कुछ मामलों की शिकायतें मिली थीं। इन्हीं शिकायतों को ध्यान में रखते हुए यह नई व्यवस्था लागू की गई है, ताकि निकाह प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और कानूनी रूप से सुरक्षित बनाई जा सके।





