मुख्यमंत्री साय की पहल रंग लाई, बालोद के जामड़ी पाट में वर्षों बाद शांतिपूर्ण ढंग से हुआ आदिवासी समाज का पारंपरिक अनुष्ठान

सतर्क रहिए, चौकन्ने रहिए

रायपुर से महेंद्र नामदेव कि रिपोर्ट

छत्तीसगढ़ में सामाजिक सौहार्द और परंपराओं के सम्मान की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सामने आई है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश पर बालोद जिले के जामड़ी पाट में आदिवासी समाज का वर्षों पुराना पारंपरिक अनुष्ठान शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराया गया। बालोद जिले के तुएगोंदी स्थित जामड़ी पाट में आदिवासी समाज का पारंपरिक जातरा और देव-पूजन कार्यक्रम जिला प्रशासन एवं पुलिस की निगरानी में शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ। बताया जा रहा है कि कुछ असामाजिक तत्व सनातन और आदिवासी समाज के बीच तनाव पैदा करने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन शासन-प्रशासन की सतर्कता और प्रभावी व्यवस्था के चलते पूरा आयोजन सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ।

जामड़ी पाट आदिवासी समाज की आस्था का प्रमुख केंद्र है, जहां वर्षों से पारंपरिक पूजा-अर्चना होती रही है। इसी क्षेत्र में स्थित पाटेश्वर धाम को लेकर लंबे समय से भूमि विवाद के कारण तनाव की स्थिति बनी रहती थी। इस समस्या के समाधान और पारंपरिक अनुष्ठान की अनुमति की मांग आदिवासी समाज ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के समक्ष रखी थी।मुख्यमंत्री सचिवालय के निर्देश पर जिला प्रशासन ने सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित कीं और पूरे आयोजन की लगातार निगरानी की गई। आदिवासी समाज ने जलकैना (कुंड) में अपनी परंपरागत मान्यताओं के अनुसार देव-आराधना की। इस पहल को सामाजिक समरसता, परंपराओं के सम्मान और संवेदनशील प्रशासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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