नुआखाई के पावन अवसर पर राजधानी रायपुर में निकली ऐतिहासिक शोभायात्रा, हजारों समाजबंधुओं की सहभागिता ने दिया सामाजिक एकता का संदेश

सावधान रहिए, सतर्क रहिए, चौकन्ने रहिए।

रायपुर से महेंद्र नामदेव के साथ वैष्णवी नामदेव की रिपोर्ट

प्रकृति और संस्कृति महापर्व है नुआखाई नुआखाई शोभायात्रा इतिहासिक और समाज एकता का प्रतीक – भगवानू रायपुर, दिनांक 07 सितंबर 2026। गांड़ा समाज का प्रमुख लोकपर्व नुआखाई आगामी 6 सितंबर 2026 को इसके पूर्व राजधानी रायपुर में गांड़ा समाज द्वारा एक भव्य एवं ऐतिहासिक शोभायात्रा का आयोजन किया गया। इस अवसर पर हजारों की संख्या में समाज के महिला, पुरुष, युवा एवं वरिष्ठजन पारंपरिक वेशभूषा में शामिल हुए और सामाजिक एकता, संस्कृति एवं भाईचारे का अनुपम उदाहरण प्रस्तुत किया शोभायात्रा राजधानी के विभिन्न मार्गों से होते हुए निर्धारित स्थल तक पहुंची, जहां समाज का विशाल सामाजिक सम्मेलन आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में माननीय मुख्यमंत्री जी सहित अनेक जनप्रतिनिधि, सामाजिक एवं प्रशासनिक क्षेत्र के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के प्रभारी जितेंद्र तांडी ने जारी वक्तव्य में कहा कि नुआखाई केवल नया अन्न ग्रहण करने का पर्व नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति, परंपरा, श्रम, सामाजिक एकता और सामूहिक पहचान का महापर्व है। राजधानी रायपुर में निकली यह ऐतिहासिक शोभायात्रा समाज की जागरूकता, संगठन शक्ति और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक है।उन्होंने कहा कि समाज के वरिष्ठजनों के मार्गदर्शन, मातृशक्ति की सक्रिय सहभागिता तथा युवाओं के उत्साह और अनुशासन के कारण यह आयोजन ऐतिहासिक रूप से सफल रहा। आज की इस विशाल सहभागिता ने यह सिद्ध कर दिया है कि जब समाज एकजुट होकर आगे बढ़ता है तो उसकी संस्कृति और सामाजिक पहचान दोनों सशक्त होती हैं।

जितेंद्र तांडी ने समाज के सभी वरिष्ठजनों को नमन करते हुए कहा कि वर्तमान पीढ़ी को जो सामाजिक विरासत प्राप्त हुई है, वह हमारे बुजुर्गों के वर्षों के त्याग, संघर्ष और सामाजिक समर्पण का परिणाम है। उन्होंने मातृशक्ति को समाज की वास्तविक शक्ति बताते हुए उनके योगदान की सराहना की तथा युवाओं को समाज का भविष्य बताते हुए शिक्षा, संगठन और सामाजिक नेतृत्व में आगे आने का आह्वान किया।उन्होंने कार्यक्रम को सफल बनाने वाले सभी सामाजिक संगठनों, आयोजन समिति, पदाधिकारियों, स्वयंसेवकों एवं कार्यकर्ताओं का विशेष आभार व्यक्त किया। साथ ही पुलिस प्रशासन, जिला प्रशासन, नगर निगम, मीडिया प्रतिनिधियों एवं सभी सहयोगी संस्थाओं के प्रति भी धन्यवाद ज्ञापित किया, जिनके सहयोग से यह विशाल आयोजन शांतिपूर्ण एवं सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सका।अपने संदेश में उन्होंने कहा कि नुआखाई का यह पर्व समाज को एक महत्वपूर्ण संदेश देता है कि हम भले ही अलग-अलग क्षेत्रों और परिवारों से आते हों, लेकिन हमारी संस्कृति, हमारी पहचान और हमारा समाज एक है। उन्होंने सभी समाजबंधुओं से शिक्षा, सामाजिक एकता, महिला सशक्तिकरण और सांस्कृतिक संरक्षण के लिए मिलकर कार्य करने का आह्वान किया।

अंत में उन्होंने नुआखाई पर्व की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि समाज की एकता ही उसकी सबसे बड़ी शक्ति है और इसी शक्ति के बल पर आने वाली पीढ़ियों के उज्ज्वल भविष्य का निर्माण किया जा सकता है।परिक्रमा प्रमुख रूप से विधायक सुनील सोनी, विधायक पुरंदर मिश्रा, अधिवक्ता भगवानू नायक, एल्डर मेन गोपाल सोना, समाजिक नेत्री सावित्री जगत, पार्षद संजना संतोष हियाल, रोनिता प्रकाश जगत, चक्रधारी जगत, नारायण बाघ, शंकर तांडी विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे। इस अवसर पर अधिवक्ता भगवानू नायक ने कहा कि गांड़ा समाज राजधानी रायपुर की सबसे बड़ी श्रम शक्ति है राजधानी रायपुर की सड़कों में शोभा यात्रा के दौरान जो नजारा देखने को मिला वह सिर्फ एक दृश्य नहीं बल्कि युवाओं का जोश, मातृ शक्ति की ऊर्जा, बुजुर्गों का अनुभव और बच्चों का उत्साह था। यह शोभा यात्रा ऐतिहासिक सामाजिक एकता का प्रतीक था।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *