वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि इंद्रावती टाइगर रिजर्व में बाघों के अवैध शिकार के मामले की गंभीरता और अंतर्राज्यीय तस्करी नेटवर्क की आशंका के चलते सीबीआई जांच की सिफारिश की गई है। उन्होंने गिद्ध संरक्षण, मानव-हाथी संघर्ष कम करने और पर्यटन विकास की पहल भी बताईं।

वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि महाराष्ट्र सीमा से जुड़े क्षेत्रों में बाघ शिकार और अंगों की तस्करी के मामले सामने आने के बाद जांच को व्यापक किया जा रहा है। इंद्रावती टाइगर रिजर्व में तीन बाघों के शिकार के मामले में शुरुआती जांच से अंतर्राज्यीय वन्यजीव तस्करी नेटवर्क की आशंका सामने आई, जिसके बाद वन विभाग ने राज्य गृह विभाग से सीबीआई जांच कराने की सिफारिश की है। रिपोर्टों के अनुसार इस मामले में तीन बाघों की खाल जब्त हुई और कई आरोपियों की गिरफ्तारी हुई है। मंत्री ने कहा कि दोषियों पर कठोर कार्रवाई होगी। उन्होंने देश की पहली तिमाही की 7.8 प्रतिशत जीडीपी वृद्धि को उत्साहजनक बताते हुए इसे विकास कार्यों से जोड़ा। साथ ही उन्होंने अचानकमार में वल्चर सेफ जोन, इंद्रावती में तीन प्रजातियों के करीब 150 गिद्धों के संरक्षण, गज संकेत ऐप, बस्तर में धुरवा डेरा होमस्टे तथा कवर्धा सफारी और मूंगा बेस कैंप के पर्यटन विकास कार्यों का उल्लेख किया।




