सावधान रहिए, सतर्क रहिए, चौकन्ने रहिए
रायपुर से महेंद्र नामदेव की रिपोर्ट
छत्तीसगढ़ के खनिज क्षेत्र से एक बड़ी और उत्साहजनक खबर सामने आई है। महासमुंद जिले के सरायपाली क्षेत्र स्थित बलौदा बेलमुंडी डायमंड ब्लॉक में प्रारंभिक परीक्षण के दौरान उच्च गुणवत्ता वाले ‘जेम-क्वालिटी’ हीरों की खोज हुई है। इस उपलब्धि से प्रदेश में बड़े हीरा भंडार मिलने की संभावनाएं और मजबूत हो गई हैं, जिससे भविष्य में छत्तीसगढ़ देश का नया डायमंड हब बन सकता है।
NMDC-CMDC लिमिटेड के अनुसार, बलौदा बेलमुंडी डायमंड ब्लॉक में लंबे समय से वैज्ञानिक अध्ययन और भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण किए जा रहे थे। परीक्षण के दौरान लगभग 200 टन नमूना सामग्री की प्रोसेसिंग की गई, जिसमें कुल 1.22 कैरेट वजन के 5 हीरे मिले हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक, इन पांच हीरों में से दो हीरे ‘जेम-क्वालिटी’ के हैं, जो अपनी उत्कृष्ट गुणवत्ता के कारण आभूषण उद्योग और व्यावसायिक उपयोग के लिए बेहद मूल्यवान माने जाते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि प्रारंभिक परीक्षण में जेम-क्वालिटी हीरों का मिलना इस क्षेत्र में बड़े हीरा भंडार की मजबूत संभावना का संकेत है। यदि आगे के सर्वेक्षण और खनन में भी इसी तरह के परिणाम मिलते हैं, तो छत्तीसगढ़ न केवल देश के खनिज मानचित्र पर नई पहचान बनाएगा, बल्कि निवेश, रोजगार और औद्योगिक विकास के नए अवसर भी पैदा होंगे। आने वाले समय में महासमुंद का यह क्षेत्र देश के प्रमुख डायमंड उत्पादन केंद्रों में शामिल हो सकता है।




