महेंद्र नामदेव
रायपुर: तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा ‘छत्तीसगढ़ निवेशक संपर्क कार्यक्रम’ का भव्य आयोजन किया गया है। इस हाई-प्रोफाइल मीट में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन विशेष रूप से शामिल हुए। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य तेलंगाना और दक्षिण भारत के बड़े उद्योगपतियों को छत्तीसगढ़ की ओर आकर्षित करना है।
औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने पर मुख्य फोकस छत्तीसगढ़ सरकार हैदराबाद में आयोजित इस Chhattisgarh Investor Connect Meet के जरिए राज्य में बड़े पैमाने पर औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देना चाहती है। इस निवेशक सम्मेलन का प्राथमिक ध्येय फार्मास्यूटिकल्स, इलेक्ट्रॉनिक्स, सूचना प्रौद्योगिकी (IT) और उन्नत विनिर्माण (एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग) जैसे उभरते हुए और तकनीकी क्षेत्रों के प्रमुख निवेशकों को राज्य में लाना है। मुख्यमंत्री ने निवेशकों को राज्य में हर संभव प्रशासनिक सहयोग का भरोसा दिया।नई औद्योगिक नीति (2024–30) को मिला बंपर रिस्पॉन्स इस सम्मेलन के दौरान राज्य की व्यापार अनुकूल नीतियों को भी रेखांकित किया गया। सरकार द्वारा लागू की गई नई उद्योग नीति (2024–30) के तहत छत्तीसगढ़ को देश भर के उद्यमियों से शानदार प्रतिक्रिया मिल रही है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस दूरदर्शी और रियायतों से भरपूर औद्योगिक नीति के माध्यम से राज्य सरकार को अब तक 8 लाख करोड़ रुपये से अधिक के भारी-भरकम निवेश प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं।

दक्षिण भारत के निवेशकों के लिए अपार संभावनाएं हैदराबाद में हुए इस रोडशो और मीट के माध्यम से छत्तीसगढ़ ने खुद को एक सुरक्षित, संसाधन-समृद्धऔरबिजनेस-फ्रेंडली राज्य के रूप में प्रस्तुत किया है। उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन ने कहा कि छत्तीसगढ़ में बुनियादी ढांचे और बिजली की कोई कमी नहीं है, जो दक्षिण भारत के तकनीकी और विनिर्माण उद्योगों के विस्तार के लिए सबसे उपयुक्त मंच प्रदान करता है। आने वाले समय में इस मीट के दूरगामी परिणाम देखने को मिल सकते हैं।




