सावधान रहिए, सतर्क रहिए, चौकन्ने रहिए
रायपुर से महेंद्र नामदेव की रिपोर्ट
रायपुर जिले के तिल्दा-नेवरा स्थित सिनोधा की सपेरा बस्ती में राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा की मौजूदगी में **बाल चौपाल 2.0** का आयोजन किया गया। इस दौरान बच्चों को खेल-खेल में बाल अधिकार, शिक्षा और अच्छी आदतों का संदेश दिया गया।

बाल चौपाल के दौरान सामने आया कि घुमंतू जीवनशैली के कारण कई बच्चों के जन्म प्रमाण-पत्र, आधार कार्ड और अन्य जरूरी दस्तावेज नहीं बन पाए हैं, जिससे वे शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी सरकारी योजनाओं से वंचित हैं। डॉ. वर्णिका शर्मा ने लोगों से प्रशासन का सहयोग कर आवश्यक दस्तावेज बनवाने की अपील की, ताकि बच्चों और उनके परिवारों को शासन की योजनाओं का लाभ मिल सके।

कार्यक्रम में बच्चों ने कंप्यूटर शिक्षा की मांग उठाई और बाल श्रम, बाल विवाह तथा गुड टच-बैड टच जैसे विषयों पर खुलकर अपनी बात रखी। सपेरा समुदाय में बाल विवाह की जानकारी मिलने पर आयोग अध्यक्ष ने संबंधित अधिकारियों को जांच कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।

कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण बाल अधिकारों पर आधारित **सांप-सीढ़ी** गतिविधि रही। इस खेल के माध्यम से बच्चों को शिक्षा, अच्छे संस्कार और सही निर्णय के महत्व को रोचक तरीके से समझाया गया। डॉ. वर्णिका शर्मा ने कहा कि **बाल चौपाल 2.0** के माध्यम से प्रदेशभर में बच्चों के अधिकारों के प्रति जागरूकता का अभियान लगातार जारी रहेगा।






