गांधी जयंती पर युवाओं से आव्हान, गांड़ा समाज को नशामुक्त करने में योगदान दें – भगवानू

सावधान रहिए, सतर्क रहिए, चौकन्ने रहिए।

रायपुर से महेंद्र नामदेव के साथ वैष्णवी नामदेव की रिपोर्ट

नशा नरक का द्वार, नशे से रहे दूर – भगवानू रायपुर, 2 अक्टूबर 2026। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती के पावन अवसर पर राष्ट्रीय गांड़ा महासमाज ने समाज को नशामुक्त बनाने का संकल्प लेते हुए युवाओं से शराब, तंबाकू एवं अन्य प्रकार के नशे से दूर रहने और शिक्षा, संस्कार तथा सामाजिक उन्नति को जीवन का लक्ष्य बनाने का आह्वान किया। इस अवसर पर राष्ट्रीय गांड़ा महासमाज के संस्थापक अधिवक्ता भगवानू नायक ने महात्मा गांधी के जीवन, स्वतंत्रता आंदोलन में उनके योगदान तथा सत्य और अहिंसा के सिद्धांतों को स्मरण करते हुए कहा कि राष्ट्र निर्माण में गांधी जी के योगदान को देश कभी भुला नहीं सकता। सत्य, अहिंसा, स्वावलंबन, अनुशासन और सामाजिक सुधार के उनके विचार आज भी समाज को दिशा देने वाले हैं।

 

अधिवक्ता भगवानू नायक ने कहा, “महात्मा गांधी केवल हमारे इतिहास और अतीत का हिस्सा नहीं हैं, बल्कि उनके विचार हमारे भविष्य का रास्ता भी दिखाते हैं। गांधी जी के जीवन से प्रेरणा लेकर हमें अपने समाज के भीतर व्याप्त सामाजिक बुराइयों को समाप्त करने का संकल्प लेना होगा।”

 

उन्होंने विशेष रूप से समाज के युवाओं से नशे के विरुद्ध आगे आने का आह्वान करते हुए कहा, “नशा नरक का द्वार है, बर्बादी का रास्ता है और अंततः बर्बादी ही इसकी मंजिल है। नशा व्यक्ति को केवल आर्थिक रूप से कमजोर नहीं करता, बल्कि परिवार की खुशियां, बच्चों की शिक्षा और समाज की प्रगति को भी प्रभावित करता है। इसलिए नशे के विरुद्ध लड़ाई केवल किसी एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि पूरे समाज की लड़ाई होनी चाहिए।”

 

उन्होंने कहा कि जिस धन, समय और ऊर्जा को नशे में बर्बाद किया जाता है, वही यदि बच्चों की शिक्षा, परिवार की उन्नति, रोजगार, व्यवसाय और अच्छे स्वास्थ्य पर लगाया जाए तो समाज की तस्वीर बदली जा सकती है। “जिस दिन हम अपने समाज को नशे से मुक्त करने में सफल हो जाएंगे, उस दिन हमारे बच्चों के हाथों में नशे की वस्तुएं नहीं बल्कि किताबें होंगी, युवाओं के सामने बर्बादी नहीं बल्कि रोजगार और सफलता का रास्ता होगा। हमारा समाज शिक्षित, संगठित, आत्मनिर्भर और संपन्न बनेगा तथा अन्य प्रगतिशील समाजों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर आगे बढ़ेगा।” —

 

अधिवक्ता नायक ने कहा

उन्होंने समाज के माता-पिता और वरिष्ठजनों से भी अपील की कि नशामुक्ति को केवल अभियान न मानकर सामाजिक आंदोलन बनाया जाए। प्रत्येक परिवार अपने घर से इसकी शुरुआत करे और युवाओं को शिक्षा, खेल, रोजगार तथा सकारात्मक सामाजिक गतिविधियों से जोड़ने का प्रयास करे।

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