सावधान रहिए, सतर्क रहिए, चौकन्ने रहिए।
रायपुर से महेंद्र नामदेव के साथ वैष्णवी नामदेव की रिपोर्ट
रायपुर: असम के चुनावी रण में संगठन को मजबूत करने पहुंचे छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री और असम कांग्रेस के नवनियुक्त प्रदेश प्रभारी भूपेश बघेल के काफिले पर जानलेवा पथराव का बेहद गंभीर मामला सामने आया है। इस वक्त की सबसे बड़ी खबर के मुताबिक, असम दौरे के पहले ही दिन भूपेश बघेल को निशाना बनाकर किए गए इस कथित हमले के बाद प्रदेश से लेकर राष्ट्रीय राजनीति तक हड़कंप मच गया है।
कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने घटना का एक्सक्लूसिव वीडियो शेयर कर सीधे तौर पर राज्य की बीजेपी सरकार, मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा और असम पुलिस के साथ-साथ चुनाव आयोग की भूमिका पर भी गंभीर सवाल खड़े किए हैं। भूपेश बघेल की मौजूदगी में हुआ हमला, बाल-बाल बचे दिग्गज नेता
मिली जानकारी के अनुसार, जिस वक्त काफिले पर पथराव हुआ, उस समय वाहन में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल खुद मौजूद थे। भूपेश बघेल के साथ गाड़ी में कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई, कांग्रेस सचिव मनोज चौहान, कांग्रेस उम्मीदवार सिवामोनी बोरा और राज्य के अन्य वरिष्ठ नेता सवार थे।
असम में कांग्रेस को फिर से मजबूत करने और चुनावी रणनीति तय करने पहुंचे भूपेश बघेल जैसे राष्ट्रीय स्तर के नेता के काफिले पर सुरक्षा में इतनी बड़ी चूक होना असम पुलिस और प्रशासन पर बेहद गंभीर सवाल खड़े करता है। भूपेश बघेल का पहला ही दौरा और गरमाई असम की राजनीति छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री के रूप में अपने दमदार शासनकाल और राजनीतिक कौशल के लिए पहचाने जाने वाले भूपेश बघेल को कांग्रेस आलाकमान ने असम का नवनियुक्त प्रदेश प्रभारी बनाया है। 21 सितंबर को भूपेश बघेल अपने पहले ही आधिकारिक दौरे पर असम पहुंचे थे।
वे पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ मैराथन बैठकें कर आगामी चुनावी रणनीति को अंतिम रूप दे ही रहे थे कि इस बीच उनके काफिले पर पत्थरबाज़ी की खबर सामने आ गई। भूपेश बघेल की सक्रियता से तिलमिलाई ताकतों द्वारा इस हमले को अंजाम देने का आरोप कांग्रेस लगा रही है। गौरव गोगोई ने जारी किया वीडियो, सीएम हिमंता बिस्वा सरमा को घेरा
कांग्रेस नेता गौरव गोगोई ने घटना का स्पष्ट वीडियो साझा करते हुए लिखा कि यह उनके काफिले पर हुए हमले का साफ प्रमाण है। गोगोई ने असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा पर करारा हमला बोलते हुए कहा: असम के मुख्यमंत्री राज्य से बाहर गुजरात, दिल्ली और महाराष्ट्र तक पुलिस भेज सकते हैं, लेकिन आज अपने ही राज्य में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और हमारे काफिले पर पत्थर फेंकने वाले गुंडों को ढूंढने में असमर्थ हो जाएंगे।”

चुनाव आयोग और असम DGP पर निशाना
गौरव गोगोई ने इस पूरे घटनाक्रम पर चुनाव आयोग (ECI) की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि इतनी बड़ी घटना के बाद भी चुनाव आयोग किसी जिम्मेदार पुलिस अधिकारी के तबादले या निलंबन का आदेश नहीं देगा। इसके साथ ही गोगोई ने असम के डीजीपी (DGP) से मामले में तुरंत संज्ञान लेते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। प्रशासनिक प्रतिक्रिया और स्वतंत्र पुष्टि का इंतजार
असम में भूपेश बघेल के काफिले पर हुए इस पथराव की घटना के बाद से ही राज्य की राजनीति का पारा चढ़ गया है। हालांकि, घटना को लेकर अब तक पुलिस या स्थानीय प्रशासन की ओर से कोई विस्तृत आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। इसलिए मामले से जुड़े सभी आरोपों और घटनाक्रम की स्वतंत्र जांच व आधिकारिक पुष्टि का इंतजार किया जा रहा है।




