सावधान रहिए, सतर्क रहिए, चौकन्ने रहिए
रायपुर से महेंद्र नामदेव की रिपोर्ट
दुर्ग जिले में अतिथि शिक्षक, जिन्हें विद्यामितान के नाम से भी जाना जाता है, अपनी विभिन्न मांगों को लेकर लगातार आंदोलन कर रहे हैं। भारी बारिश के बावजूद सैकड़ों शिक्षक हिंदी भवन के सामने धरने पर बैठे हैं और सरकार से जल्द फैसला लेने की मांग कर रहे हैं।

अतिथि शिक्षकों का कहना है कि वे पिछले 11 से 12 वर्षों से दुर्ग सहित नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के स्कूलों में सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन आज तक उन्हें स्थायी दर्जा नहीं मिला है। उनका कहना है कि करीब 20 हजार रुपये के मानदेय में परिवार का भरण-पोषण करना मुश्किल हो गया है।
आंदोलनकारी शिक्षकों की मांग है कि उन्हें समान काम के बदले समान वेतन, सेवा सुरक्षा, संविलियन और मानदेय में बढ़ोतरी दी जाए। शिक्षकों ने स्पष्ट किया है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, उनका आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने याद दिलाया कि इससे पहले भी वे शिक्षा मंत्री के नाम खून से पत्र लिखकर इच्छामृत्यु की मांग कर चुके हैं।




