छत्तीसगढ़ के प्रयाग में भू-माफियाओं का बड़ा खेल! अवैध प्लाटिंग के लिए पाट दिए सरकारी नहर और तालाब, शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं, SDM ने कही यह बात

सावधान रहिए, सतर्क रहिए, चौकन्ने रहिए

रायपुर से महेंद्र नामदेव की रिपोर्ट 

छत्तीसगढ़ के प्रयाग कहे जाने वाले राजिम में भू-माफिया बेखौफ होकर नियम-कायदों को ताक पर रखकर न केवल कृषि भूमि को बिना डायवर्सन (परिवर्तन) कराए कॉलोनी बसाकर अथवा मुरुम की सड़क बनाकर प्लॉट काट रहे हैं, बल्कि अपने अवैध कारोबार के लिए नहर और तालाब तक को पाट रहे हैं। इतिहास

 

तालाब पट रहा था, प्रशासन मौन रहा राजिम के बरोंडा निवासी नेतराम धृतलहरे ने तालाब पाटने की शिकायत 2 जुलाई को कलेक्टर भगवान सिंह उइके से की थी। शिकायत में युवक ने कई प्रभावशाली लोगों के नाम गिनाए, जिनकी मौजूदगी और मशीन का इस्तेमाल बेखौफ तरीके से किया गया। युवक ने सबूत के तौर पर साक्ष्य के लिए वीडियो भी बनाया।

 

युवक ने बताया कि जून माह की अंतिम तारीख को जब तालाब पाटे जा रहे थे, तो उसने स्थानीय तहसीलदार से लेकर एसडीएम के समक्ष शिकायत किया, लेकिन किसी ने नहीं रोका। युवक ने आवेदन में बताया कि खसरा नंबर 584 में दर्ज डेढ़ एकड़ के निस्तारी तालाब को उन्हीं लोगों ने पाट दिया, जो तालाब से लगी कृषि भूमि खरीदकर अवैध प्लाटिंग कर रहे हैं। कार्रवाई नहीं होने पर कुछ लोगों ने चौबे बांधा मार्ग पर मौजूद दानी तालाब को भी सड़क छोर से पाटना शुरू कर दिया है।

 

तत्कालीन नगर पंचायत का दावा, डेढ़ एकड़ में फैला था तालाब 2016 में नगर पंचायत में रहे पवन सोनकर ने कहा कि केतकी तालाब को वर्ष 2016 में नगर के एक धीवर को मछली पालन के लिए 10 साल की लीज पर दिया गया था। सरकारी रिकॉर्ड में लगभग डेढ़ एकड़ का तालाब दर्ज था। लेकिन बाद में राजनीतिक वरदहस्त लोगों ने रिकॉर्ड में छेड़छाड़ कर रकबा घटा दिया। बेखौफ इतने थे कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बावजूद डेढ़ एकड़ के तालाब को पाटकर आधा से भी कम कर दिया गया। सालभर पहले हुई जांच में तालाब के कुछ हिस्से को निजी जमीन का बताया गया, मिलीभगत की गई थी। लेकिन तालाब के मूल स्वरूप को किसी भी कीमत पर बदलने की इजाजत संविधान नहीं देता। प्रशासन की मौन स्वीकृति बहुत कुछ बयां करती है।

 

कबीर नगर बसाया, अब पार्ट-2 के लिए सिंचाई नहर को पाटकर रास्ता बना दिया

राजिम-गरियाबंद मार्ग में जमीन की मांग बढ़ गई है। इस रोड में शहर से 5 किमी तक 20 से भी ज्यादा रकबों में अवैध प्लाटिंग हुई। हाईवे किनारे कृषि भूमि में मुरुम बिछाकर अवैध रूप से पहले कबीर नगर बसाया गया। सालभर में एक एकड़ से भी ज्यादा रकबे की अवैध प्लाटिंग काटकर बेच दी गई। अब पार्ट-2 के लिए पीछे के हिस्से में प्लाटिंग की तैयारी की जा रही है। लेकिन इस अवैध कारोबार का हैरान करने वाला पहलू यह है कि पार्ट-2 तक जाने के लिए सिंचाई विभाग की नहर में एक ह्यूम पाइप डालकर रास्ता बना दिया गया। सब कुछ प्रशासन की नाक के नीचे हो रहा है। अवैध कारोबारियों को सत्तासीन संगठन का सहारा है, ऐसे में प्रशासन भी कार्रवाई करने से डर रहा है। राजिम में प्रति माह 200 अवैध प्लॉट की रजिस्ट्री होना कहीं न कहीं सिस्टम की मिलीभगत की ओर संकेत करता है।

 

100 से ज्यादा रकबे में किया प्रतिबंध, तालाब मामले की कराएंगे जांच – SDM

राजिम एसडीएम विशाल महाराणा ने कहा कि राजिम में अवैध प्लाटिंग की शिकायत पर अब तक 100 से ज्यादा रकबों में खरीदी-बिक्री प्रतिबंध किया गया है। तालाब और नहर पाटने का मामला अभी संज्ञान में आया है। इसकी जांच कर उचित कार्रवाई करेंगे।

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