सावधान रहिए, सतर्क रहिए, चौकन्ने रहिए
रायपुर से महेंद्र नामदेव की रिपोर्ट
अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे के कथित गबन मामले में जांच का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है। एसआईटी की जांच के बाद अब इस मामले में 6 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की तैयारी की खबर सामने आ रही है। हालांकि जिन लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है, उनके नामों का आधिकारिक खुलासा अभी नहीं किया गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मामले की गंभीरता को देखते हुए श्रीराम जन्मभूमि तीर्थक्षेत्र ट्रस्ट के प्रशासनिक ढांचे में भी बदलाव की संभावना जताई जा रही है और ट्रस्ट के नए सीईओ के रूप में एक सेवानिवृत्त अधिकारी की नियुक्ति पर विचार किया जा रहा है।वहीं इस मामले में एक और बड़ा खुलासा सामने आया है।

बताया जा रहा है कि प्रधानमंत्री कार्यालय को भेजी गई शिकायत के बाद जब ट्रस्ट से वित्तीय जानकारी मांगी गई, तब ट्रस्ट ने एसआईटी जांच का हवाला देते हुए आय-व्यय और वित्तीय रिकॉर्ड साझा करने से इनकार कर दिया। जानकारी के अनुसार, स्थानीय भाजपा नेता डॉ. रजनीश सिंह ने पीएमओ को पत्र लिखकर ट्रस्ट की स्थापना से अब तक प्राप्त दान, बैंक खातों, जमीन लेन-देन और अन्य वित्तीय विवरण सार्वजनिक करने की मांग की थी। इसके बाद पीएमओ ने पत्र को जिला प्रशासन को भेजा, लेकिन ट्रस्ट महासचिव चंपत राय ने जांच लंबित होने का हवाला देते हुए वित्तीय जानकारी उपलब्ध नहीं कराई। अब सभी की नजरें एसआईटी जांच और संभावित एफआईआर पर टिकी हुई हैं, जिससे इस पूरे मामले में आगे और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।


