बढ़ी हुई बिजली दरों के विरोध में कांग्रेस का आंदोलन, तीन चरणों में चलेगा अभियान

रायपुर से महेंद्र नामदेव की रिपोर्ट

कांग्रेस नेताओं ने कहा कि केंद्र सरकार महंगाई बढ़ा रही है और राज्य सरकार भी अलग से बिजली की दरें बढ़ाकर आम जनता पर अतिरिक्त बोझ डाल रही है। उनका आरोप है कि “डबल इंजन” की सरकारें जनता को राहत देने के बजाय महंगाई बढ़ाने का काम कर रही हैं।उन्होंने कहा कि हमारी मांग है कि सरकार बिजली की बढ़ी हुई दरों को तत्काल वापस ले। हाल ही में बिजली की दरों में 30 पैसे से 50 पैसे प्रति यूनिट तक की बढ़ोतरी की गई है। कांग्रेस इसका विरोध करती है और सरकार से पूछना चाहती है कि आखिर ऐसी क्या मजबूरी थी कि जनता पर यह अतिरिक्त बोझ डाला गया।कांग्रेस का कहना है कि पहले से ही महंगाई की मार झेल रही जनता पर महंगे बिजली बिल थोपना उचित नहीं है। इसलिए प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने बढ़े हुए बिजली बिलों के खिलाफ आंदोलन की रणनीति तैयार की है। आने वाले समय में पार्टी आम जनता के बीच जाकर सरकार की नीतियों का विरोध करेगी।

आंदोलन की रूपरेखा इस प्रकार है: –

17 जून को प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों में बिजली विभाग के कार्यालयों का घेराव और विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। कांग्रेस का कहना है कि बिजली विभाग मुख्यमंत्री के अधीन आता है, इसलिए पूरे प्रदेश में सरकार के खिलाफ प्रदर्शन होगा।

18 जून को सभी जिला मुख्यालयों में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे और आम जनता तक सरकार की नाकामियों तथा बढ़े हुए बिजली बिलों के मुद्दे को पहुंचाएंगे।* **जुलाई के प्रथम सप्ताह में** कांग्रेस कार्यकर्ता गांव-गांव जाकर बढ़े हुए बिजली बिल और स्मार्ट मीटर के खिलाफ अभियान चलाएंगे। इस दौरान घर-घर जाकर स्मार्ट मीटर हटाने के लिए आवेदन भी भरवाए जाएंगे।कांग्रेस ने आरोप लगाया कि सरकार लगातार महंगाई बढ़ाकर बिजली उपभोक्ताओं और आम जनता को परेशान करने का काम कर रही है। पार्टी का कहना है कि सरकार की नाकामियों को हर घर तक पहुंचाने के लिए यह तीन चरणों वाला आंदोलन चलाया जाएगा।

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