रायपुर से महेंद्र नामदेव की रिपोर्ट
नियामक आयोग ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए बिजली की नई दरों की घोषणा कर दी है. घरेलू विद्युत दरों में जहां 30 से 50 पैसे प्रति यूनिट की बढ़ोतरी की है, तो वहीं और गैर घरेलू विद्युत दरों में विद्युत दरों में 20 पैसे से 40 पैसे प्रति यूनिट की वृद्धि की गई है. कृषि पम्पों के लिए विद्युत की दरों में 40 पैसे प्रति यूनिट की वृद्धि की गई है. इसके साथ गैर-सब्सिडी वाले कृषि पंप कनेक्शनों को ऊर्जा प्रभार में दी जा रही छूट को 30 प्रतिशत से बढ़ाकर 40 प्रतिशत किया गया है.
विद्युत नियामक आयोग के कानून सदस्य विनोद गनोदवाले, तकनीकी सदस्य अजय कुमार सिंह और सचिव सूर्या प्रकाश शुक्ला ने प्रेस वार्ता में बताया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए विद्युत वितरण कंपनी द्वारा अपनी याचिका में विद्युत विक्रय 38729 मिलियन यूनिट एवं वार्षिक राजस्व आवश्यकता रू.32520 करोड़ प्रस्तावित किया गया था. जांच के बाद आयोग ने विद्युत विक्रय 39760 मिलियन यूनिट एवं वार्षिक राजस्व आवश्यकता रू.28348 करोड़ अनुमोदित किया है.वितरण कंपनी द्वारा वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए विद्युत की प्रचलित टैरिफ से अनुमानित राजस्व के आधार पर रू.6304 करोड़ राजस्व घाटे का प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया था. आयोग द्वारा गहन जांच पश्चात रू.1662 करोड़ का राजस्व घाटा ही मान्य किया गया है.वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए वितरण कंपनी द्वारा 8.40 रुपए प्रति यूनिट औसत विद्युत प्रदाय दर (Average cost of supply) का प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया था, जिसका विश्लेषण करने के बाद आयोग ने 7.13 रुपए प्रति यूनिट की स्वीकृत दी है. आयोग द्वारा वर्ष 2026-27 के लिए वर्तमान टैरिफ के आधार पर औसत बिलिंग दर 6.71 रुपए प्रति यूनिट अनुमानित की गई है. जो कि औसत लागत दर 7.13 रुपए प्रति यूनिट से 42 पैसे कम है.वर्ष 2026-27 के लिए अनुमानित राजस्व आवश्यकता की प्राप्ति हेतु टैरिफ में आयोग द्वारा विभिन्न उपभोक्ता श्रेणियों के विद्युत दर में वितरण कंपनी द्वारा प्रस्तावित 24 प्रतिशत की वृद्धि के स्थान पर 6.23 प्रतिशत की औसत वृद्धि की गई है.




