कोटा में नुआखाई मिलन कार्यक्रम, गांड़ा समाज ने दिया सामाजिक एकता का परिचय*

सावधान रहिए, सतर्क रहिए, चौकन्ने रहिए।

रायपुर से महेंद्र नामदेव के साथ वैष्णवी नामदेव की रिपोर्ट

समाज की सबसे बड़ी ताकत है शिक्षा – भगवानू गांव-मोहल्ले से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक समाज को एक सूत्र में जोड़ना हमारा संकल्प” — बनमाली छुरा युवा जागेगा, संगठित होगा तो समाज का भविष्य बदलेगा” — आशीष तांडी*

रायपुर, 4 अक्टूबर 2026। रायपुर पश्चिम परिक्षेत्र के कोटा वार्ड अंतर्गत कुर्लूभाटापारा में गांड़ा समाज द्वारा भव्य सामाजिक मिलन समारोह का आयोजन उत्साह एवं सामाजिक एकता के वातावरण में किया गया। कार्यक्रम के प्रमुख आयोजनकर्ता अधिवक्ता कैलाश हरपाल व कार्यक्रम के सहप्रभारी मनोज सोना ने बताया कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राष्ट्रीय गांड़ा महासमाज के संस्थापक अधिवक्ता भगवानू नायक, कार्यक्रम के अध्यक्षता कर रहे राष्ट्रीय प्रभारी बनमाली छुरा तथा विशिष्ट अतिथि राष्ट्रीय युवा प्रभारी आशीष तांडी का मोहल्लेवासियों एवं समाजजनों ने फूल-मालाओं से भव्य स्वागत कर तिलक लगाकर अभिनंदन किया। कार्यक्रम का शुभारंभ कुल देवी देवता बूढ़ी मां, मां समलेश्वरी एवं भारत रत्न डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर के चित्र पर माल्यार्पण कर किया गया। इस दौरान समाज की एकता, शिक्षा, नशामुक्ति, आर्थिक-सामाजिक प्रगति और नई पीढ़ी के उज्ज्वल भविष्य का संकल्प लिया गया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय संस्थापक अधिवक्ता भगवानू नायक ने कहा कि समाज की सबसे बड़ी ताकत उसकी एकता और शिक्षा है। उन्होंने कहा, “हम गरीबी में पैदा हुए हैं तो यह हमारी आने वाली पीढ़ियों की नियति नहीं होनी चाहिए। शिक्षा वह ताकत है, जिसके माध्यम से हम गरीबी, पिछड़ेपन और सामाजिक असमानता की दीवार को तोड़ सकते हैं।” उन्होंने विशेष रूप से युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि केवल मंचों पर भाषण देने से समाज नहीं बदलेगा, बल्कि समाज के युवाओं को जमीन पर उतरकर काम करना होगा। प्रत्येक मोहल्ले में शिक्षा के प्रति जागरूकता पैदा करनी होगी और नशे के खिलाफ सामाजिक अभियान चलाना होगा। “नशा हमारे युवाओं की प्रतिभा, परिवार की खुशहाली और समाज के भविष्य को नष्ट करता है। हमें ऐसा गांड़ा समाज बनाना है जिसकी पहचान नशे से नहीं, बल्कि शिक्षा, रोजगार, संविधान और सामाजिक नेतृत्व से हो।”

 

बनमाली छुरा ने कहा कि राष्ट्रीय गांड़ा महासमाज का उद्देश्य किसी क्षेत्र, जिले अथवा राज्य तक सीमित संगठन खड़ा करना नहीं, बल्कि देशभर में निवासरत गांड़ा समाज को एक सामाजिक सूत्र में जोड़ना है। “हमारी भाषा और क्षेत्र अलग हो सकते हैं, लेकिन हमारी सामाजिक पहचान, हमारा इतिहास, हमारा संघर्ष और हमारा भविष्य एक है। छत्तीसगढ़ से ओडिशा, दिल्ली, महाराष्ट्र, झारखंड और देश के अन्य हिस्सों तक समाज को जोड़कर एक मजबूत राष्ट्रीय सामाजिक शक्ति का निर्माण करना हमारा संकल्प है।”

 

राष्ट्रीय युवा प्रभारी आशीष तांडी ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि समाज की नई पीढ़ी को केवल अपने व्यक्तिगत भविष्य की चिंता नहीं करनी चाहिए, बल्कि समाज के भविष्य की जिम्मेदारी भी उठानी चाहिए। उन्होंने कहा, “युवा अगर शिक्षित, संगठित और नशामुक्त होगा तो समाज को आगे बढ़ने से कोई नहीं रोक सकता। हमें कलम और संविधान को अपनी ताकत बनाना है। हर युवा अपने साथ कम से कम एक जरूरतमंद बच्चे को शिक्षा की दिशा में आगे बढ़ाने का संकल्प ले।”

 

कार्यक्रम का सफल संचालन अधिवक्ता कैलाश हरपाल ने तथा आभार प्रदर्शन युवा नेता मनोज सोना ने किया।

 

समाजजनों ने राष्ट्रीय गांड़ा महासमाज के माध्यम से शिक्षा, नशामुक्ति, सामाजिक जागरूकता तथा राष्ट्रीय एकता के अभियान को और अधिक मजबूत करने का संकल्प लिया।

 

कार्यक्रम में प्रमुख रूप से अधिवक्ता भगवानू नायक, बनमाली छुरा, आशीष तांडी, अधिवक्ता कैलाश हरपाल, युवा नेता मनोज सोना, जितेंद्र नायक, जयलाल नायक, बिट्टू क्षत्रि,लालेश्वर हरपाल, राजकुमार हरपाल, मुकुंद हरपाल, बबलू हरपाल, गणेश हरपाल, अशोक हरपाल, नीलमणि हरपाल, रघु हरपाल, राजू हरपाल, सबदेन हरपाल, मुरली हरपाल, विक्की बाघ, द्रोण क्षत्रि, गोविंदा क्षत्रि, धनीराम छुरा, जितेंद्र हरपाल, दीपक हरपाल, राकेश हरपाल सहित बड़ी संख्या में समाज जन उपस्थित थे।

 

आशीष तांडी

राष्ट्रीय युवा प्रभारी

राष्ट्रीय गांड़ा महासमाज

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