पुलिस की बड़ी लापरवाही: जिंदा महिला को मृत बताकर कमरे में जड़ दिया ताला, 2 घंटे बाद खोलकर देखा तो चल रही थीं सांसें, परिजनों में आक्रोश

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रायपुर से महेंद्र नामदेव की रिपोर्ट 

बेमेतरा जिला मुख्यालय के वार्ड नंबर-7 स्थित परशुराम चौक में पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। आरोप है कि फांसी लगाने की कोशिश करने वाली एक महिला को पुलिस ने मौके पर ही मृत मान लिया और उसके कमरे में ताला लगाकर चली गई। करीब दो घंटे बाद जब पुलिस पंचनामा करने पहुंची और कमरे का ताला खोला गया, तो महिला जिंदा मिली। इसके बाद उसे तत्काल निजी अस्पताल ले जाया गया।

 

साल से किराए के मकान में रह रही थी महिला जानकारी के मुताबिक महिला पिछले करीब 10 वर्षों से परशुराम चौक स्थित एक किराए के मकान में अपने तीन बच्चों के साथ रह रही है। घटना के समय उसके तीनों बच्चे स्कूल गए हुए थे। इसी दौरान महिला ने कथित तौर पर घर के अंदर रस्सी के सहारे फांसी लगाने की कोशिश की। हालांकि रस्सी कमजोर होने के कारण टूट गई और महिला नीचे गिर गई।

 

N2: पुलिस ने मृत मानकर कमरे में लगा दिया ताला स्कूल से लौटे बच्चों ने घर पहुंचकर अपनी मां को आवाज लगाई। महिला की हालत देखकर बच्चों ने मकान मालिक को इसकी जानकारी दी। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस मौके पर पहुंची और महिला की स्थिति देखने के बाद उसे मृत मान लिया।

 

दो घंटे बाद पंचनामा करने पहुंची पुलिस

 

परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने कमरे में ताला लगा दिया और लोगों से कहा कि कुछ देर बाद पुलिस दोबारा आएगी और पंचनामा की कार्रवाई की जाएगी। इस दौरान कमरे का ताला नहीं खोलने की हिदायत भी दी गई। महिला के परिजन और आसपास के लोग पुलिस के वापस आने का इंतजार करते रहे। ताला खोलकर देखा तो चल रही थीं सांसें करीब दो घंटे बाद एक महिला कांस्टेबल और दो पुलिसकर्मी पंचनामा की कार्रवाई के लिए मौके पर पहुंचे। जब पुलिस की मौजूदगी में कमरे का ताला खोला गया, तो अंदर महिला की सांसें चल रही थीं। महिला को जिंदा देखकर मौके पर मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया। इसके बाद उसे तत्काल एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां उसका इलाज शुरू कराया गया।

 

पुलिस की कार्यशैली पर उठे सवाल, परिजनों और लोगों ने की कार्रवाई की मांग

घटना के बाद स्थानीय लोगों और परिवार के सदस्यों में पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर नाराजगी देखने को मिली। लोगों का कहना है कि यदि महिला को समय रहते अस्पताल पहुंचाया जाता, तो उसकी स्थिति और बेहतर हो सकती थी। परिवार और स्थानीय लोगों ने पूरे मामले में पुलिस की भूमिका की जांच कराने और जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल घटना को लेकर पुलिस की ओर से आधिकारिक तौर पर क्या स्पष्टीकरण दिया गया है, यह सामने आना बाकी है। मामले में पुलिस की प्रारंभिक कार्रवाई और महिला की मेडिकल स्थिति को लेकर भी जानकारी का इंतजार है।

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